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आप से बढ़कर कुछ नहीं

  आप से बढ़कर कुछ नहीं एक बार कि बात है- एक आदमी कही से गुज़र रहा था,तभी उसने सड़क के किनारे बंधे हाथियों को देखा के उनके अगले पैर में एक रस्सी बंधी हुई हैं। उसे इस बात का बड़ा आश्चर्य हुआ के हाथी जैसे ताक़तवर जीव लोहे की जंजीरों की जगह बस एक छोटी सी रस्सी से बंधे हुए हैं। उसने पास खड़े एक किसान से पूछा, के भला ये हाथी किस तरह इतनी शांति से खड़े हैं और भागने की कोसिस क्यो नहीं कर रहे? किसान बोला- इन हाथियों को छोटे पन से ही ये रस्सियों से बांधा जाता है, उस समय इनके पास इतनी शक्ति नहीं होती हैं के इस बंधन को वो तोड़ सके। बार-बार प्रयास करने पर भी रस्सी न तोड़ पाने की वजह से उन्हें धीरे-धीरे ये यक़ीन हो जाता हैं के वो इन रस्सियों को नहीं तोड़ सकते, और बड़े होने पर भी इनका ये यकीन बना रहता है! इसलिए वो कभी इन्हें तोड़ने का प्रयास ही नहीं करते। वह आदमी आश्चर्य में पड़ गया, के ये जानवर इसलिए रस्सी नहीं तोड़ सकते क्योंकि वो इस बात पर यकीन करते हैं, के वो ऐसा नहीं कर सकते। इन हाथियों की तरह ही हम में से कई लोग पहली बार मिली असफलता के कारण ये मान बैठते हैं के अब हमसे ये काम नहीं हो सकता। और अपनी ह...

a short stories with moral for kids | moral stories

                                                            1.  a thirsty crow a thirsty crow you there was a crew on a very hot summer day, he was feeling very thirsty he flew from place to place in search of water but he could not find it anywhere. he was very sad and disappointed at not getting a single drop of water suddenly. he saw a jar of water he flew down to the jar and sat on its edge when, he creamed his beak to quench his thirst he saw to his great discouragement that the water was at the bottom this beak could not reach such a low level of water. he even tried to overturn the jar but he could not it was too heavy for him to move when he was almost to fly in despair, he thought of an idea suddenly his eyes received some pebbles lying near the jar, they picked up two pebbles one-by-one and drop them into jar slowly and slo...

short story for kids | चतुर खरगोश | हिंदी नैतिक कहानियाँ

चतुर खरगोश एक जंगल के पास एक सुंदर सा द्वीप था । उस जंगल और द्वीप के बीच में एक तालाब था । उस द्वीप पर जाने के लिए सबको वह तालाब पार करना पड़ता ।उस द्वीप पर खूब सारे स्वादिष्ट फल और सब्जियां थे । उस जंगल में रहने वाले सारे पशु उस द्वीप से फल सब्जियां खाना खाते थे । पर कभी किसी ने हिम्मत नहीं करी  । क्योंकि उस तालाब में कई सारे मगरमच्छ रहते  थे ।  एक दिन एक खरगोश जो उसे जंगल में रहती थी । उस तालाब से पानी पीने गई उससे वह द्वीप देखा और सोचने लगी  मुझे उस द्वीप पर जाकर सारे फल सब्जियां खाने हैं । मगर यह मगरमच्छ को कैसे चकमा दिया जाए । फिर बहुत सोचने पर खरगोश ने एक तरकीब सोची । अगली सुबह वह खरगोश तालाब के किनारे आई । उसने सारे मगरमच्छ को चिल्लाकर बुलाया किसके पास इतनी हिम्मत है । जो हमें ऐसे बुला रहा है । मगरमच्छो  ने सोचा और तालाब के किनारे आ गए । आप सब वादा करो कि मुझे हानि नहीं पहुंचा । ओगे वह अपनी होशियारी के साथ यह सब बोलना शुरू हो गयी ।  हां हां तुम चिंता मत करो बताओ क्या बात है । "एक मगरमच्छ बोला" जंगल के राजा ने सब जानवरों के लिए एक दावत देने का सो...